जानिए रामनवमी कब है क्यों मनाई जाती है पूजा विधि व सामग्री | Ram Navami 2020

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नमस्कार इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं रामनवमी त्योहार के बारे में। तो सबसे पहले रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं तो रामनवमी हिंदुओं का एक त्यौहार है ऐसे बहुत धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन वर्तमान में कोरोना वायरस के चलते साल 2020 का रामनवमी कुछ बेरंग सा नजर आ रहा है लेकिन फिर भी बहुत धूमधाम से मनाया जाएगा तो आइए जानते हैं कि राम नवमी 2020 में कब है क्यों मनाई जाती है आइए जानते हैं विस्तार से –

Ram Navami 2020: रामनवमी कब मनाया जाता है –

तो दोस्तों रामनवमी का त्यौहार हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की ९(9) को मनाया जाता है। जोकि मार्च-अप्रैल में पड़ता है। आपको बता दें कि हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन मर्यादा-पुरूषोत्तम भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था।

राम नवमी 2020 में कब है? | Ram navami kab hai 2020

रामनवमी का एक मुख्य त्योहार है जो कि बहुत धूमधाम से मनाया जाता है तो 2020 में रामनवमी 2 अप्रैल को है। इसी दिन चैत्र मास शुक्ल पक्ष की नवमी है जोकि जय श्री राम जी का जन्म दिनांक है।

शुभ मुहूर्त – 11:09:22 से 13:39:46 तक
रामनवमी मध्याह्न समय – 12:24:34

Ram Navami 2020: रामनवमी क्यों मनाया जाता है | Ram navami kyu manaya jata hai –

सीधी भाषा में कहना यह है कि रामनवमी त्योहार पुरुषोत्तम श्री राम जी का जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह कहानी रावण राज्य की है जब त्रेता युग में पृथ्वी पर रावण का अत्याचार बढ़ने लगता है। तब राजा दशरथ के यहां विष्णु भगवान मनुष्य का पता लेकर राम के रूप में चैत्र मास शुक्ल पक्ष की नवमी को जन्म लिया था। तभी से रामनवमी का त्यौहार मनाया जाता है। एवं इसी वजह से रामनवमी का त्यौहार मनाया जाता है।

Ram Navami 2020: रामनवमी की पूजा सामग्री

  • रामजी की तस्वीर या मूर्ति
  • रामजी के लिए वस्त्र या दुपट्टा
  • राम नाम की किताब
  • चंदन
  • एक नारियल
  • रोली
  • मोली
  • चावल
  • सुपारी
  • कलश में साधारण पानी या गंगा जल
  • ताजी और धुली हुई आम की पत्तियां
  • तुलसी पत्ते
  • ताजा हरी घास
  • पान के पत्ते
  • लौंग
  • इलायची
  • कुमकुम ( सिंदूर )
  • अगरबत्ती
  • दीप-धूप और माचिस
  • पेड़ा या लड्डू
  • एक आसन

Ram Navami 2020: राम नवमी पूजन विधि

रामनवमी के दिन सुबह उठकर स्नान करके पवित्र होकर पूजास्थल पर पूजन सामग्री के साथ बैठें। इसके बाद राम नवमी की पूजा करने के लिए श्रीराम के लिए अखंड ज
दीपक जलाएं। एवं अगरबत्ती लगाएं। पूजा में तुलसी पत्ता और फूल अवश्य रखें। साथ ही कलश और नारियल भी पूजा घर में रखें। खीर और फल-फूल को प्रसाद के रूप में तैयार करें। सभी लोगों के माथे पर तिलक लगाए, आसन बिछाकर कमर सीधी कर भगवान के आगे बैठें। राम पूजन शुरू करने से पहले भगवान श्रीराम की आरती करें इसके बाद पुष्पांजलि अर्पित करके क्षमा प्रार्थना करे। उसके बाद श्रीराम नवमी की पूजा षोडशोपचार करें। रामनवमी की व्रत कथा सुनें और घर के प्रांगण में तुलसी मंडप के समक्ष ध्वजा लगाएं। एवं इसके बाद प्रसाद सबसे पहले कन्याओं को बांटे इसके बाद सभी को बांटे और खुद ग्रहण करें।

तो यह थी रामनवमी बारे में कुछ जानकारी इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए एवं ऐसी जानकारी के लिए हमें फॉलो कीजिए। एवं टिप्पणी करके हमें जरूर बताएं।

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